भारत में Engineer kaise Bane – पूरी गाइड

भारत में इंजीनियर कैसे बने, engineer kaise Bane, इंजीनियरिंग की डिग्री, इंजीनियरिंग की नौकरी, इंजीनियर की सैलरी, 12वीं के बाद इंजीनियरिंग कोर्स

भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक है, और यह दुनिया के कुछ बेहतरीन इंजीनियरों का घर भी है। इंजीनियरिंग कई भारतीयों के लिए एक लोकप्रिय करियर विकल्प रहा है, और यह हमारे देश के लिए गर्व का एक प्रमुख स्रोत रहा है।

ब्रिज से लेकर रॉकेट तक सब कुछ डिजाइन और रखरखाव के लिए इंजीनियर जिम्मेदार हैं। वे अपने कौशल का उपयोग नए उत्पाद बनाने के लिए करते हैं जो वर्तमान में बाजार में मौजूद उत्पादों की तुलना में अधिक सुरक्षित, अधिक कुशल या अधिक टिकाऊ हैं।

Engineer क्या होता है

इंजीनियरिंग एक बहुआयामी पेशा है जिसमें उत्पादों के विकास और निर्माण दोनों शामिल हैं। जैसे सिविल इंजीनियर सड़कों, पुलों और इमारतों जैसी प्रणालियों के डिजाइन, निर्माण और रखरखाव के लिए भी जिम्मेदार होते हैं।

Engineer kaise bane,12वीं के बाद इंजीनियरिंग कोर्स
Engineer kaise Bane

ठीक वैसे ही कई अलग-अलग इंजीनियरिंग विषय हैं जिनमें एयरोस्पेस इंजीनियरिंग, सिविल इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग और मैकेनिकल इंजीनियरिंग शामिल हैं।

इंजीनियर आमतौर पर समस्याओं को हल करने के लिए अन्य इंजीनियरों या वैज्ञानिकों के साथ टीमों में काम करते हैं। किसी परियोजना का निरीक्षण करने या अनुसंधान करने के लिए उन्हें विभिन्न स्थानों की यात्रा करने की भी आवश्यकता हो सकती है।

इंजीनियर बनने के लिए कई सारे इंजीनियरिंग कोर्स है जिसमे से आईटीआई, डिप्लोमा, बैचलर, मास्टर डिग्री आदि प्रमुख है। इंजीनियर कैसे बने इसके बारे में स्टेप बाई स्टेप जानकारी आगे दी गई है।

इंजीनियर कितने प्रकार के होते हैं

इंजीनियरिंग के अंतर्गत कई सारे कोर्स है, जो जैसा कोर्स करते है वह उस इंजीनियर बनते है। इसे आप उदाहरण से समझे यदि कोई सिविल इंजीनियरिंग की पढ़ाई करते है तो वह सिविल इंजीनियर बने है, ठीक इसी प्रकार कई प्रकार की इंजीनियरिंग कोर्स है यानी कई प्रकार की इंजीनियर होते है जैसे;-

• सिविल इंजीनियर

• इलेक्ट्रिक इंजीनियर

• केमिकल इंजीनियर

• मैकेनिकल इंजीनियर

सॉफ्टवेयर इंजीनियर

• एग्रीकल्चर इंजीनियर

• ऑटोमोबाइल इंजीनियर

• इलेक्ट्रिकल इंजीनियर

• कंप्यूटर इंजीनियर

• इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियर

• मरीन इंजीनियर

• एयरोस्पेस इंजीनियर

• पेट्रोलियम इंजीनियर

• माइनिंग इंजीनियर

• बायोमेडिकल इंजीनियर

• प्लास्टिक इंजीनियर

• मेटलर्जी इंजीनियर

• रोबोटिक्स इंजीनियर

• नेटवर्किंग इंजीनियर

इन सभो इंजीनियरिंग शाखा के अलावा और भी कई सारे इंजीनियरिंग की कोर्स है जिसमे आप डिप्लोमा, बीटेक, बिई, एमटेक, एमई, इत्यादि डिग्री करके इंजीनियर बन सकते है।

यह पढ़े: घर बैठे स्कॉलरशिप चेक करें

Engineer Kaise Bane (इंजीनियर कैसे बनते है)

इंजीनियर बनने के लिए पहले तैयारी करनी पड़ती है, पहले से योजना बनाकर उसी के अनुसार सब्जेक्ट्स का चयन करना होता और एंट्रेंस एग्जाम की तैयारी करनी पड़ती। इंजीनियर बनने के लिए जरूरी स्टेप्स आगे चर्चा की गई है;

• अच्छे नंबर से 10वी पूरा करे: इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने के लिए पहला कदम है 10वी के बन साइंस विषयों का चयन करना। इसके लिए 10वी की फाइनल एग्जाम में अच्छी नंबर प्राप्त करनी पड़ती है। उसके बाद मुख्य विषयों के रूप में फिजिक्स, केमिस्ट्री और मैथेमेटिक्स का चयन करना होता।

• साइंस लेकर 10+2 पूरा करे: 10वी में सब्जेक्ट्स चुनने के बाद आपको 10+2 पूरा करना होगा फिजिक्स, केमिस्ट्री और मैथेमेटिक्स लेकर न्यूनतम 45 प्रतिशत नंबर के साथ। आरक्षण वर्ग के उम्मीदवारों के लिए 5 नंबर की छूट भी दी जाती है।

• एंट्रेंस एग्जाम की फॉर्म भरे: इंजीनियरिंग की कोर्स में एडमिशन लेने हेतु नेशनल और स्टेट लेवल पर कई सारे एंट्रेंस एग्जाम आयोजित किये जाते है जिनमे से महत्वपूर्ण है; JEE Main, JEE Advance, WB JEE, UPSEE, BCECE, इत्यादि।

आप जो भो एग्जाम देना चाहते है उसके लिए फॉर्म भरे, 10+2 की पढ़ाई के दौरान ही फॉर्म निकाली जाती है। फॉर्म भरने के लिए आधिकारिक वेबसाइट पर जाए वहां अपना नाम, मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी, आधार नंबर, इत्यादि दर्ज करके पहले रजिस्ट्रेशन पूरा कर ले।

उसके बाद अप्लाई करे, इसके लिए अपना पिता माता के नाम, एड्रेस प्रूफ, एजुकेशनल क्वालिफिकेशन, आदि दर्ज कर एबं जरूरी दस्तावेजों की स्कैन कॉपी अपलोड करें और लास्ट में आवेदन शुल्क जमा करके एप्लीकेशन फॉर्म का प्रिंट आउट निकाल ले। आवेदन शुल्क जमा करने के लिए नेट बैंकिंग, डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड, बैंक चालान, इत्यादि पेमेंट मेथड्स उपलब्ध रहता है। 

• एंट्रेंस एग्जाम की तैयारी करें: इंजीनियरिंग की कोर्स में दाखिल होने के लिए ली जाने वाली एंट्रेंस एग्जाम की तैयारी का पहला कदम सुरु होता है 10वी के बाद से ही। 10वी के बाद 11वी और 12वी में पढ़ने वाले फिजिक्स, केमिस्ट्री और मैथेमेटिक्स की पढ़ाई बारीकियों से करनी होगी क्योंकि, एंट्रेंस एग्जाम इन्ही सब्जेक्ट्स से सवाल पूछा जाता है।

• सही से एग्जाम कंपलीट करे: एंट्रेंस एग्जाम की फॉर्म भरने के कुछ दिन पश्चात एडमिट कार्ड जारी किया जाता है, उसे डाउनलोड करके बताई गई तारीख, समय और जगह पर जाकर एग्जाम देना होता है।

• काउंसलिंग में हिस्सा ले: एग्जाम पूरा होने के 10 से 15 दिन बाद रिजल्ट निकलता है उंसमे उम्मीदवार का रैंक दिया हुआ रहता, अगर रैंक अच्छा आता है तो काउंसलिंग में हिस्सा लेना होता और क्रमांक के अनुसार कॉलेज का चयन करना पड़ता।

इसके कुछ दिन बाद काउंसलिंग का रिजल्ट आता है यदि अपने अच्छे रैंक किये हैं तो आपके चयनित कॉलेजों में से किसी भी एक मे सीट अलॉट हो जाएगा। अच्छे रैंक करने वालो को सरकारी कॉलेज मिल जाता है अन्यथा प्राइवेट कॉलेज में सीट अलॉट होता है।

• कॉलेज में एडमिशन हो जाये: कॉलेज में सीट अलॉट होने के बाद सीट बुक करना होता, इसके लिए कुछ रुपये भुगतान करके ऑनलाइन सीट बुक करना होता। इसके पश्चात दस्तावेजों की सत्यापन करके इंजीनियरिंग कोर्स में एडमिशन लेना पड़ता।

इंजीनियरिंग कोर्स की फीस

जैसे कि आपको पहली ही पता चल गया होगा कि इंजीनियरिंग के अंतर्गत कई सारे विभाग है, हर विभाग के लिए फीस अलग अलग होती है। सरकारी कॉलेजों में कोर्स फीस कम होती है परंतु प्राइवेट कॉलेजों में सरकारी कॉलेज से कई गुना अधिक फीस लिया जाता है।

यदि इंजीनियरिंग की औसतन कोर्स फीस देखा जाए तो ₹50,000 से ₹5,00,000 तक होती है। यह कोई निश्चित राशि नहीं है। यहां हमने सिर्फ एवरेज कोर्स फीस बताई है।

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भारत में इंजीनियरिंग के लिए सर्वश्रेष्ठ कॉलेज और विश्वविद्यालय

भारत में इंजीनियरिंग की पढ़ाई करके इंजीनियर बनने के लिए कई सारे शीर्ष कॉलेज और विश्वविद्यालय है, हालांकि किसी भी कॉलेज में एडमिशन से पहले उस कॉलेज के बारे में जांच कर लेनी चाहिए। इस लेख में हमने कुछ कॉलेज के नाम बताये है:

इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, मद्रास, तमिल नाडु

• इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, हैदराबाद, तेलेंगाना

• इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग साइंस एंड टेक्नोलॉजी, शिबपुर, पश्चिम बंगाल

• इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी, वाराणसी, उत्तर प्रदेश

• इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, भुवनेश्वर, ओडिसा

• इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, दिल्ली, नई दिल्ली

• इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, गुवाहाटी, असम

• इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, इंदौर, मध्यप्रदेश

• इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, जोधपुर, राजस्थान

• इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, खरगपुर, पश्चिम बंगाल

• इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, कानपुर, उत्तर प्रदेश

• इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, मंडी, हिमाचल प्रदेश

• इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, रूपनगर, पंजाब

• इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, रुड़की, उत्तराखंड

• मोतीलाल नेहरू नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश

• नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, सूरतकल, कर्नाटक

• नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, भागलपुर, बिहार

Engineering के बाद क्या करे (इंजीनियरिंग नौकरियां)

भारत एक विकासशील देश होने के नाते यहां इंजीनियरों की मांग काफी अधिक है। सामान्य रूप से इंडिया में हर साल लाखों स्टूडेंट्स इंजीनियरिंग की पढ़ाई करते है फिरभी दुनिया मे इंजीनियरों का मांग पूरा करना संभव नहीं हो रहा। आज के तारीख में इंडियन इंजीनियरों की मांग दुनियाभर में है।

यदि अपने इंजीनियरिंग की पढ़ाई के बाद अपने भविष्य को लेकर चिंतित है या इंजीनियरिंग की पढ़ाई से पहले इसके स्कोप के बारे में जानना चाहते है तो आपको बता दे, इंजीनियरिंग के बाद उम्मीदवारों के सामने दो रास्ते होते है; पहला है हायर स्टडी और दूसरा, जॉब्स।

यदि कोई हायर स्टडी करना चाहे तो अपने विषय में मास्टर डिग्री यानी एमटेक कर सकते है या फिर यदि कोई मैनेजमेंट की क्षेत्र अपना पैर पसारना चाहते है तो एमबीए कोर्स या पीजीडीएम एक बेहतरीन ऑप्शन हो रहेगा।

और अगर कोई इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर बाद जॉब करना चाहे तो सरकारी, पब्लिक सेक्टर और प्राइवेट सेक्टर में ऐसे उम्मीदवारों के लिए काफी अवसर है।

इंजीनियरों को अमेज़न, गूगल, माइक्रोसॉफ्ट, फ्लिपकार्ट, ई-बे, बीएमडब्ल्यू, टीसीएस, टेक महिंद्रा, एचसीएल टेक, एलएनटी, विप्रो, जैसे बड़े कंपनियों में आसानी से जॉब प्राप्त कर सकते है।

इसके अतिरिक्त अगर कोई चाहे तो सरकारी नौकरी भी कर सकते है। इसके लिए रेलवे, डिफेंस एंड रिसर्च ऑर्गनाइजेशन, एविएशन, एजुकेशनल, डिफेंस, जैसे क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा परीक्षा देकर नौकरी प्राप्त कर सकते है। 

इंजीनियर की सैलरी

इंजीनियरिंग की पढ़ाई के बाद इंजीनियर की सैलरी बहुत से चिंजो पर निर्भर करती है। इंजीनियर की सैलरी पैकेज तय करते समय सबसे पहले यह देख जाता है कि वह कौन सी डिग्री की है (डिप्लोमा/बीटेक/एमटेक/बिई/एमई), इसके अलावा काम के एक्सपीरियंस उनके पास कितना है, जॉब सेक्टर कौन सी है, पोस्ट कौन होगा, इत्यादि

यदि एक इंजीनियर की एवरेज सैलरी पैकेज देखा जाए तो आमतौर पर ₹2,00,000 से ₹25,00,000 प्रति वर्ष होती है, हालांकि विदेशों में इससे कई गुना अधिक सैलरी पैकेज प्रदान किया जाता है।

लेख की सारांश: आज की इस लेख में हमने बताये है कि Engineer kaise Bane, इंजीनियरिंग की फीस कितनी होती है, एडमिशन कैसे मिलता है, बेस्ट कॉलेज कौन सी है, कौन सा नौकरी मिलेगी, सैलरी कितना होगा, इत्यादि

हमे विश्वास है आपको यह लेख पसंद आई होगी अगर पसंद आई है तो अपने दोस्तों के साथ सोशल में कृपया शेयर करे ताकि उन्हें भी पता चले इंजीनियर कैसे बनते है और इंजीनियर की सैलरी कितनी होती है, इत्यादि।यदि आपको बिजनेस, इन्वेस्टमेंट, और करियर से जुड़े जानकारी चाहिए तो हमारे ब्लॉग को सब्सक्राइब करे और हमारे टेलीग्राम चैनल से जुड़े जहां हम समय समय पर इन विषयों में जानकारी साझा करते रहते है।

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