ऐसे करें Shimla Mirch ki kheti होगी लाखों की कमाई

दोस्तों भारत एक कृषि प्रधान देश है I आज के अधिकांश निवासी कृषि करके अपना जीवन यापन करते हैं ऐसे में अगर आप एक किसान है तो आप शिमला मिर्च की खेती कर कर महीने में अच्छे खासे पैसे कमा सकते हैं जैसा कि आप जानते हैं कि शिमला मिर्च की डिमांड आज की तारीख में भारत में नहीं बल्कि दुनिया में भी अधिक है ऐसे में अगर आप इसकी खेती करते हैं I

तो आपको अच्छा खासा मुनाफा प्राप्त होगा अगर आप नहीं जानते हैं की Shimla mirch ki kheti कैसे करेंगे या शिमला मिर्च की खेती करने का तरीका क्या है, किस प्रकार के बीजों का आपको चयन करना होगा खर्च कितना आएगा अगर आप सब कुछ जानना चाहते हैं तो मैं आपसे अनुरोध करूंगा कि इस पोस्ट को आखिर तक पढ़े-

Shimla mirch ki kheti भारत में कहां कहां की जाती है

भारत में शिमला मिर्च की खेती हरियाणा, पंजाब, झारखंड, उत्तरप्रदेश, कर्नाटक आदि प्रदेशों में सफलतापूर्वक की जाती है। इसके अलावा अब तो पूरे भारत में इसकी खेती की जाने लगी है। इसकी सबसे ज्यादा मांग दिल्ली और चंडीगढ़ के होटलों में होती है I

शिमला मिर्च का इस्तेमाल सलाद और किसी भी व्यंजन को स्वादिष्ट बनाने में इसका प्रयोग काफी किया जाता है इसलिए शिमला मिर्च के लिए मांग सालों भर रहती है I

यह पढ़े:

Agriculture Business ideas in hindi

धान की खेती कैसे करे

Shimla mirch ki Kheti

अब आइये बात करते है कि शिमला मिर्च की खेती कैसे करे उसके बारे में लेकिन उससे पहले इसके कुछ उन्नत किस्में की बात कर लेते है।

Shimla mirch ki Kheti

Simla mirch की उन्नत किस्में कौन-कौन सी है

Red simla mirch: रेड शिमला मिर्च की खासियत है यह जल्दी पकने वाली किस्म मिर्चा होती है यह किस्म लम्बी, पौधे मजबूत और शाखाएं फैलने वाली होती हैं। इसके फलों के विकास के लिए पर्याप्त छाया की जरूरत होती है।

इसके फल गहरे हरे होते है तथा पकने के समय यह लाल रंग के हो जाते हैं, इसका औसतन वजन 130 से 150 ग्राम होता है। इसके फलों को ज्यादा समय के लिए स्टोर करके रखा जा सकता है। यह ज्यादा दूरी वाले स्थान पर ले जाने के लिए उचित होते है। इस प्रकार के मिर्ची क का इस्तेमाल हम लोग अपने किचन में मसाले के तौर पर करते हैं

Yellow simla mirch: इसकी किस्म के शिमला मिर्च मुख्यत: ठंडे मौसम में विकसित होती है। इसके फल ज्यादातर वर्गाकार, सामान्य तथा मोटे छिलके वाले होते है। इसके फल पकने के समय पीले रंग के होते है, जिनका औसतन भार 150 ग्राम होता है। यह किस्म बीमारीयों की रोधक किस्म है। जो कि ग्रीन हाउस और खुले खेत में विकसित होती है।

ग्रीन गोल्ड:  इसके फल लम्बे और मोटे होते है, गहरे हरे और 100 से 120 ग्राम तक वजन के होते है।

अन्य किस्में:  शिमला मिर्च की अन्य उन्नत किस्में इस प्रकार है,

  • अर्का गौरव,
  • अर्का मोहिनी,
  • किंग आफ नार्थ,
  • अर्का बसंत,
  • ऐश्वर्या,
  • अलंकर,
  • अनुपम,
  • हरी रानी,
  • पूसा दीप्ती,
  • हिरा आदि प्रमुख और अच्छी उपज वाली किस्में

किस किस्म के शिमला मिर्च बाजार में सबसे अधिक मांग है: बाजार में पीली शिमला मिर्च की डिमांड काफी अधिक है इस प्रकार की मिर्ची की खेती कर साल में आप ₹600000 आसानी से कमा सकते हैं I

इस प्रकार के शिमला मिर्च की बाजार में मांग होने का प्रमुख कारण है कि अधिक लोग इस प्रकार के मिर्चा को खाना बहुत अधिक पसंद करते हैं क्योंकि इसमें भरपूर मात्रा में पोषक तत्व पाए जाते हैं जो हमारे शरीर के लिए काफी फायदेमंद होते हैं I

इसके अलावा पीली शिमला मिर्च और अनेकों प्रकार के रोगों से आपके शरीर की रक्षा करती है ऐसे में आप इस मोर्चे से सिर्फ पैसे नहीं बल्कि अपना स्वास्थ्य को ठीक रखने के लिए भी खाया जाता है।

जलवायु व भूमि

शिमला मिर्च की खेती के लिए नर्म आद्र्र जलवायु की आवश्यकता होती है। इसकी अच्छी वृद्धि के लिए कम से कम तापमान 21 से 25 डिग्री सेल्सियस होना अच्छा रहता है। इसकी भूमि की बात करें तो इसकी खेती के लिए चिकनी दोमट मिट्टी जिसमें जल निकास की अच्छी व्यवस्था हो उपयुक्त जाकर आपके शिमला मिर्च की फसल अच्छी होगी और पैदावार में भी वृद्धि होग

बुवाई का सही समय

की खेती के लिए उपयुक्त समय अगस्त-सितंबर माह की जा सकती है। किसान यह फसल नौ महीनों तक ले सकता है। वहीं पर आप इस बेमौसम प्राप्त करना चाहते हैं तो फसल लेनेे के लिए इसे जनवरी से फरवरी माह में भी बोया जा सकता है I

शिमला मिर्च के पौधे कैसे तैयार कैसे करेंगे रोपण के लिए

शिमला मिर्च के पौधे को तैयार करने के लिए 98 छिद्रों वाला प्लास्टिक की ट्रे का प्रयोग करना चाहिए। इसके अंदर कोको पीट, वरमीकुलाइट, बालू या परलाइट मिश्रण प्रयोग करना चाहिए। यह रोगमुक्त होने के साथ-साथ अत्यन्त भुरभुरा होता है, जिससे जड़ों का विकास अच्छे से होता है।

सामान्यत: 100 किलोग्राम कॉकोपीट से लगभग 100 प्रो-ट्रे भरा जा सकता अब आपको प्लास्टिक के ट्रे में छेद करना होगा I फिर इसके अंदर आप एक शिमला मिर्च का बीज डालकर उसे कोको पीट के द्वारा ढक देंगे I

उसके बाद आप हजारे की सहायता से थोड़ी सी इसकी सिंचाई कर लेंगे और फिर 6 से 8 day बाद पौधे के अंकुरण शुरू हो जाएंगे I फिर आपको 60 दिनों से लेकर 180 दिनों के अंदर पौधों को रोपण के लिए बिल्कुल तैयार हो जाएंगे I

खाद की कितनी आवश्यकता पड़ती है

  • खेत की तैयारी के समय 25-30 टन गोबर की सड़ी हुई खाद या कंपोस्ट खाद आपको डालना पड़ेगा
  • 60 किलोग्राम नत्रजन, 60-80 किग्राम, स्फुर, 60-80 कलोग्राम पोचाश डालान पड़ेगा

रोपण कैसे करें दूरी क्या होनी चाहिए

जब आप शिमला मिर्च के पौधे रोपण के लिए तैयार कर लेंगे तब आप उस से 1 दिन पहले जो आपने क्यारियों बनाई है उसकी सिंचाई कर देना चाहिये ताकि पौधा आसानी से निकाली जा सके I . पौध को मुख्य खेत में 60 से 45 सेमी की दूरी पर लगा देना चाहिए. रोपण के बाद खेत की हल्की सिंचाई कर दें.

सिंचाई कैसे करेंगे

शिमला मिर्च के पौधों के रोपण करने के बाद आपको शिमला मिर्च के खेतों की सिंचाई अच्छी तरह से करनी होगी इससे आपकी शिमला मिर्च की खेती की पैदावार अच्छी होगी I सबसे अहम बात कि आप कभी भी शिमला मिर्च की खेती में अधिक पानी का इस्तेमाल ना करें ना ही कम यह तो आप की फसल बर्बाद हो सकती है I

इसके अलावा अगर खेतों में अधिक जल जमा हो गया है तो आप को पानी निकालने की व्यवस्था अति शीघ्र करनी चाहिए I अगर मिट्टी के अंदर नमी है सिंचाई करना अच्छा होता है I

निराई गुरई करना शिमला मिर्च के पौधों का

शिमला मिर्च के पौधों के रोपण शुरू के 30-45 दिनों तक खेत को खरपतवार से मुक्त रखना अच्छे फसल उत्पादन की दृष्टि से काफी जरूरी है I पहली निराई -गुढ़ाई रोपण के 25 और दूसरी 45 दिनों के बाद कर देनी चाहिए I

पौधे रोपण के 30 दिनों के बाद पौधों में मिट्टी को चढ़ाना चाहिए ताकि पौधे और मजबूत हो जाए और गिरे नहीं. यदि खरपतवार के नियंत्रण हेतु रसायनों का प्रयोग करना है तो खेत में नमी की अवस्था में पेन्डामेथिलीन 4 लीटर 2 किलो प्रति हेक्टेयर की दर का प्रयोग करें इससे आपके पैदावार में वृद्धि होगी औ

शिमला मिर्च की खेती में लगने वाले रोग और उससे बचने के उपाय

शिमला मिर्च की खेती में निम्नलिखित प्रकार के रोग लग जाते हैं और बचने के उपाय भी निम्नलिखित प्रकार के हैं आइए उनके बारे में हम विस्तार पूर्वक नीचे चर्चा करें-

  • हू,
  • थ्रपिस,
  • सफेद मख्खी और मकड़ी का प्रकोप रहता है
  • . इसके अलावा
  • भूभतिया रोग, उकटा, पर्ण कुंचन,
  • श्यामवर्ण  और फल सड़न का प्रकोप होता है

बचने का उपाय क्या है

  • . इनकी रोकथाम के लिए फसल चक्र को नियमित रूप से अपनाना चाहिए. स्वस्थ और उपचारित बीजों का ही प्रयोग करना चाहिए. मेन्कोजेब, ब्लिटॉक्स का प्रतिशत सांद्रता का घोल बनाकर 15 दिन के अंतराल पर 2 बार ही छिड़काव ना होगा आप मिर्चा का किसी प्रकार का भी रोग हो उससे आपके फसल को कोई भी नुकसान नहीं पहुंचेगा I

खेती करने में कितना पैसा खर्च होगा और आमदनी कितनी होगी

दोस्तों शिमला मिर्च की खेती करने में कितना खर्चा आएगा या कुल मिलाकर इस बात पर निर्भर करता है कि आप इसकी खेती कितने एकड़ या बीघा जमीन में करने के बारे में सोच रहे हैं उसके अनुसार यहां पर खर्च आएगा मान लीजिए कि आप 1 एकड़ की जमीन में शिमला मिर्च की खेती करना चाहते हैं तो उसमें आपको 35000 से ₹40000 का खर्च आ जाएगा I

इसके अलावा जहां तक आमदनी की बात की जाए तो आप आसानी से 1 एकड़ जमीन से साल में तो ₹300000 लेकर ₹400000 आसानी से आप साल में कमा सकते हैं I इस प्रकार हम कह सकते हैं कि शिमला मिर्च की खेती करना आपके लिए फायदेमंद का सौदा है I

सारांश: इस पोस्ट में shimla mirch ki kheti कैसे करे उसके बारे में बारीकियों से चर्चा की गई है। आपको यह जानकारी कैसी लगी कमेंट करके बताये और अपने दोस्तों से साझा करें।

यह पढ़े:

काली मिर्च की खेती

मशरूम की खेती कैसे करें

गुलाब की खेती

अपने दोस्तों से साझा करें

Leave a Reply

Your email address will not be published.