Software Engineer Kaise Bane, फीस, स्कोप, सैलरी इत्यादि

बच्चे को जब यह सवाल पूछे जाते है कि बाबू आप बड़े होकर क्या बनना चाहोगे? तो अक्षर उनके यह जवाब आते है की मैं बड़े होकर डॉक्टर या इंजीनियर बनूंगा।

लेकिन जैसे जैसे बच्चे बड़े होना सुरु हो जाते है तो सपनों में भी बदलाव आना सुरु हो जाते। ऐसे बहुत कम लोग है जिनके बचपन का सपना पूरा हुआ है।

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सपने पूरे न होने की मैन बजह है, उन्हें सही मार्ग न मिलना और किसी भी कोर्स के बारे में उनके पास सही जानकारियां न होना।

आपको बता दूं, यदि आपके बचपन का सपना रहा कि आप बड़े होकर सॉफ्टवेयर इंजीनियर बनेंगे लेकिन आपको नहीं पता कि सॉफ्टवेयर इंजीनियर कैसे बने।

तो आप बिल्कुल सही आर्टिकल पर आए है इस आर्टिकल में हम आपको बताएंगे कि आप कैसे सॉफ्टवेयर इंजीनियर बन सकते है।

कैसे बेस्ट कॉलेज चुनेंगे, क्या फीस होगा, सॉफ्टवेयर इंजीनियर को क्या कार्य करना होता, स्कोप क्या है, सैलरी कितनी मिलेगी, इत्यादि पूरे डिटेल्स से डिस्कस करेंगे।

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Software Engineer in Hindi

जैसे जैसे दुनिया डिजिटलीकरण हो रहा है वैसे वैसे सॉफ्टवेयर इंजीनियर का मांग पूरे विश्व मे तेजी से बढ़ रहा है।

क्योंकि, डिजिटल उपयोग करने वाले जितने भी सॉफ्टवेयर, एप्पलीकेशन्स बगैरह है वो सारे सॉफ्टवेयर इंजीनियर द्वारा ही बनाये जाते।

अब आइए जानते है सॉफ्टवेयर इंजीनियर क्या होता है और उनके कार्य क्या है।

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Software Engineer kya Hota Hai और उनके कार्य

सॉफ्टवेयर इंजीनियर उसे कहते है जिनके सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग के कोर्स किया हुआ होता। सॉफ्टवेयर इंजीनियर को सॉफ्टवेयर डेवलपर के नाम से भी जाने जाते है।

यह वो लोग होते है जिनके पास सो कंप्यूटर तथा मोबाइल सॉफ्टवेयर बनाने का, डिज़ाइन करने का, मेंटेनेंस, टेस्टिंग, इत्यादि करने का प्रोग्रामिंग नॉलेज होते है।

इस प्रोग्रामिंग लैंगुएज जैसे, HTML, Java, C, C++, C sharp, PHP, JavaScript, Python, R, VB . NET, MATLAB इत्यादि के जरिए सॉफ्टवेयर इंजीनियर आसानी से कंप्यूटर सॉफ्टवेयर बगैरह बना लेते है।

जिन लोगो को पता नहीं के सॉफ्टवेयर होता क्या है उनके लिए बता दूं, आप इसे ऐसे समझ सकते है की, आप कंप्यूटर के जो भी पार्ट छू सकते है उसे हार्डवेयर और जो भी पार्ट छू नहीं सकते उसे सॉफ्टवेयर कहते है।

यानी एक कंप्यूटर का मॉनिटर, कीबोर्ड, माउस, सीपीयू बगैरह है हार्डवेयर और ऑपरेटिंग सिस्टम, या दूसरे ऍप्लिकेशन्स जो भी आप उपयोग करते या स्क्रीन में जितने भी ऍप्लिकेशन्स डिस्प्ले होते उसे ही सॉफ्टवेयर कहते।

इन सारे सॉफ्टवेयर का बनना, डिज़ाइन, टेस्टिंग बगैरह के काम एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर ही करते है।

अब आइये जानते है कि आप Software Engineer कैसे बन सकते है।

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Software Engineer kaise Bane

सॉफ्टवेयर इंजीनियर बनने से पहले आइये इसके बारे में थोड़ा जानकारी दे देते है।

सॉफ्टवेयर इंजीनियर बनने के लिए सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग के कोर्स करना होता है। यह एक पोस्टग्रेजुएट डिग्री है। जिसके अवधि है दो साल।

इन दो साल पूरा करने के पश्चात इसके डिग्री धारकों के लिए पूरे विश्व मे जॉब करने के लिए नई नई द्वार खुल जाते है। ऐसे स्टूडेंट्स के लिए गूगल, अमेज़न, माइक्रोसॉफ्ट, एप्पल जैसे कंपनियों में बड़ी मांग है।

अब आइए जानते है आप कैसे सॉफ्टवेयर इंजीनियर बनेंगे।

यदि आप सोच रहे है कि, सॉफ्टवेयर इंजीनियर सिर्फ साइंस स्टूडेंट्स ही बन सकते है तो आपके जानकारी के लिए बता दूं, यह सही नहीं है, आर्ट्स या कॉमर्स के स्टूडेंट्स भी सॉफ्टवेयर इंजीनियर बन सकते।

यहां हमने सॉफ्टवेयर इंजीनियर बनने का दो तरीके बताएंगे। पहला है साइंस स्टूडेंट्स के लिए और दूसरा है, आर्ट्स तथा कॉमर्स स्टूडेंट्स के लिए।

1. Science स्टूडेंट्स कैसे सॉफ्टवेयर इंजीनियर बनेंगे

साइंस स्ट्रीम से 12वी पास: साइंस स्टूडेंट्स के लिए सॉफ्टवेयर इंजीनियर बनना बहुत आसान है। इसके लिए उन्हें सबसे पहले किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 12वी पास करना होगा।

ध्यान रहे 12वी भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान, तथा गणित होना बहित ही जरूरी है। और इन सारे सब्जेक्ट्स में न्यूनतम 50 प्रतिशत जनरल वर्ग के लिए एबं 45 प्रतिशत एससी तथा एसटी वर्ग के लिए।

इंजीनियरिंग में स्नातक कोर्स करें: जैसे ही आप अच्छे नंबर से 12वी पास हो जाए उसके बाद अब आपको B tech या BE करना है।

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यदि आप बीटेक करेंगे तो आपको CSE यानी कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग के स्ट्रीम सेलेस्ट करना होगा। और अगर BE करना चाहते तो BCA यानी बैचलर ऑफ कंप्यूटर ऍप्लिकेशन्स के शाखा सेलेस्ट करना है।

दोनों ही कोर्स लगभग समान है। बीई के तुलना में बीटेक थोड़ा एडवांस लेवल का होता है। इसमें बेसिक से लेकर एक्सपर्ट लेवल तक पूरी नॉलेज प्रदान की जाती है।

आपको बता दे, बीटेक एबं बीई में एडमिशन लेने के लिए भिन्न-भिन्न कॉलेज तथा यूनिवर्सिटीज द्वारा अलग अलग एंट्रेंस एग्जाम कंडक्ट कराया जाता है।

कुछ एग्जाम के नाम है, AIEEE, IIT-JEE, GATE, JET, JEE Main, JEE Advance, WBJEE, BITSAT, PESSAT, AIMA UGAT, IPU CET BCA इत्यादि।

इन एग्जाम में आपको अच्छे रैंक के साथ उत्तीर्ण होना होगा तभी आपको एडमिशन मिल सकता है। इसके अलावा आप डिरेक्टस एडमिशन भी ले सकते है। इसके लिए कोई एंट्रेंस एग्जाम देने की आवश्यकता नहीं। सीधा कॉलेज में जाकर एडमिशन ले सकते है।

पोस्टग्रेजुएट करें: अब बारी है आपके सपनो को साकार बनाने का। अब पोस्टग्रेजुएट में आपको सॉफ्टवेयर इंजीनियर बनने के लिए कोर्स करने का मौका मिलेगा।

यदि आप CSE में बीटेक किये है तो पोस्टग्रेजुएट में आपको CSE में एमटेक करना होगा। और अगर आप BCA में बीई किये है तो अब आपको MCA में एमटेक करना होगा।

जैसे ही आपके पोस्टग्रेजुएट डिग्री खत्म होते आप बन जाते है एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर। 12वी में साइंस स्ट्रीम वालो को सॉफ्टवेयर इंजीनियर बनने के लिए बस इतने ही करना होते।

अब आइए जानते है कि यदि आप 12वी में आर्ट्स या कॉमर्स के शाखा से है तो आप कैसे सॉफ्टवेयर इंजीनियर बन सकते।

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2. Art’s & Commerce स्टूडेंट्स सॉफ्टवेयर इंजीनियर कैसे बने

पॉलीटेक्निक कंपलीट करे: यदि साइंस के फील्ड से नहीं है तो आपको सबसे पहले पॉलीटेक्निक करना होगा। पॉलीटेक्निक करने के लिए न्यूनतम योग्यता है 10वी पास। आप इसे 10वी या 12वी के बाद कर सकते है।

पॉलीटेक्निक में एडमिशन लेने के लिए हर राज्य द्वारा एंट्रेंस एग्जाम की व्यवस्था किया जाता है। इन एग्जाम में बैठने के लिए न्यूनतम 35 प्रतिशत से लेकर 45 प्रतिशत नंबर की जरूरत है। कुछ एंट्रेंस एग्जाम की नाम है,

JEXPO/ VOCLET (पश्चिम बंगाल), JEECUP (उत्तर प्रदेश), Delhi CET, AP POLYCET (आंध्र प्रदेश), Assam PAT, DCECE (बिहार), APJEE (अरुणाचल प्रदेश), CGPPT (छत्तीसगढ़), MP PPT (मध्यप्रदेश), Jharkhand PECE, HP PAT (हिमाचल प्रदेश) इत्यादि।

एंट्रेंस एग्जाम में उत्तीर्ण होने के पश्चात आपको DCSE यानी डिप्लोमा इन कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग के स्ट्रीम सेलेक्ट करना है।

तीन साल की बीटेक करे: यदि आप सोच रहे है बीटेक तो चार साल की होते है तो आपको बता दूं, बीटेक अवश्य चार साल की है परंतु जिन स्टूडेंट्स के पॉलीटेक्निक किया हुआ है उनके लिए तीन साल।

उन्हें बीटेक के दूसरे वर्ष में लेटरल एडमिशन मिलते है। इसलिए तीन वर्ष के बीटेक में पढ़ाई करना होता।

ध्यान रहे, जब आप बीटेक में एडमिशन लेंगे आपको BCSE के शाखा चुनना है। क्योंकि इस स्टीम से पढ़ाई करके आप आगे जाकर सॉफ्टवेयर इंजीनियर बन पाएंगे।

दो साल की पोस्टग्रेजुएट करे: बीटेक पूरा होने के बाद अब आपको एमटेक करना है। इस डिग्री के बाद आप पूरी तरह से सॉफ्टवेयर इंजीनियर बन जाएंगे।

एमटेक दो साल की कोर्स है। इसमें आपको MCSE करना है। जैसे ही कोर्स कंपलीट हो जाएगा आप सॉफ्टवेयर इंजीनियर बनने का डिग्री प्राप्त कर लेंगे।

Software Engineer बनने के लिए खर्च

यदि आप सोच रहे रहे है सॉफ्टवेयर इंजीनियर बनने के लिए अनेक खर्च करना होगा तो आपको बता दूं, पॉलीटेक्निक, बीटेक और बाद में एमटेक करने में तो थोड़ा खर्च करना ही होगा।

अच्छी बात यह है कि यह सारे डिग्री आप सरकारी कॉलेज से कर सकते है। ऐसे में कोर्स फीस बहुत कम होगा। और अगर आप प्राइवेट कॉलेज से करते है तो अधिक खर्च हो जाएगा।

यदि हम औसतन कोर्स फीस की बात करे तो लगभग 15,000 से 3,25,000 हर साल। ध्यान रहे कोर्स की फीस हर कॉलेज अपने अपने हिसाब से निर्धारित करते है।

Top Software Engineering Colleges

• IIT Madras

• IIT Delhi

• IIT Bombay

• IIT Kanpur

• IIT Kharagpur

• Chandigarh University

• NIIT University

• Vellore Institute of Technology, Vellore

• Jadavpur University, Kolkata

• Institute of Chemical Technology, Mumbai

• IIT Patna, Bihar

• Amity University

• Birla Institute of Technology, Ranchi

• National Institute of Technology, Meghalaya

इन सारे कॉलेज के अलावा सैकड़ों कॉलेज है जहां आप सॉफ्टवेयर इंजीनियर बनने का कोर्स कर सकते है। बस कॉलेज में एडमिशन लेने से पहले उस कॉलेज के बारे में थोड़ा जांच पड़ताल कर लेना।

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Software Engineer बनने के बाद क्या करे

सॉफ्टवेयर इंजीनियर के लिए IT क्षेत्र में काफी अच्छी अवसर है। इसके अलावा दूसरे क्षेत्र में भी कम करने का मौका आसानी से मिलते है। कोई चाहे तो विदेशों में भी काम कर सकते।

सॉफ्टवेयर इंजीनियर बनने के बाद  गूगल, अमेज़न, माइक्रोसॉफ्ट, एप्पल, ओरेकल, फ्लिपकार्ट, ईबे, टाटा, जैसे बड़े बड़े कंपनियों में काम करने के सुनहरे मौका मिलते है।

इसके अलावा आप चाहे तो, यूपीएससी, एसएससी, बैंकिंग, रेलवे, डिफेंस, डीआरडीओ, एविएशन, रिसर्च, आदि क्षत्र में काम कर सकते है।

और अगर आपको पढ़ाना अच्छा लगते है तो कॉलेज के लेक्चरर भी बन सकते।

इसके शिवा यदि आप पढ़ाई करने चाहते तो कुछ सर्टिफिकेट कोर्स कर सकते है। जैसे कि, Advance Programme in Full Stack Software Engineering, GNIIT Programme in Cloud and Mobile Software Engineering.

Software Engineer के जॉब प्रोफाइल

वैसे तो कई तरह के पदों के लिए काम मिल जाते है। यहां हमने कुछ जॉब्स प्रोफाइल के नाम बताए है जहां एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर को आसानी नौकरी मिल जाते।

• सॉफ्टवेयर डेवलपर

• सॉफ्टवेयर डिज़ाइनर

• सॉफ्टवेयर प्रोग्रामर

• सॉफ्टवेयर एग्जीक्यूटिव

• प्रोजेक्ट मैनेजर

• डेटा एनालिस्ट

• ऍप्लिकेशन्स डेवलपर

• ऍप्लिकेशन्स डिज़ाइनर

• इनफार्मेशन सिस्टम मैनेजर

Software Engineer ke Salary

अच्छे सैलरी वाले जॉब्स बच्चों को पढ़ाई करने के लिए हमेशा प्रेरित करते है। हर कोई चाहते उन्हें अच्छे सैलरी वाले नौकरी मिले।

आपको बता दूं, सॉफ्टवेयर इंजीनियर एक ऐसे प्रोफेशन है जिसमे सैलरी अच्छा खासा मिलते है। इतना सैलरी मिलते है जो एक स्टूडेंट् का सपना होता।

इसे पढ़े: हाई सैलरी पैकेज वाले जॉब्स

यदि हम औसतन सैलरी की बात करे तो, इंडिया में हर 5,00,000 से 10,00,000 तक सैलरी पैकेज मिलते है। और विदेशों की बात करे इससे कई गुना ज्यादा सैलरी मिल जाता है।

Conclusions: दोस्तो, इस आर्टिकल हमने बताये है कि software engineer kaise bane, इसमें कितने खर्च आ सकता है, कहां से करेंगे, स्कोप क्या है, सैलरी कितना मिलेगा, इत्यादि।

आशा करते है आपको यह जानकारी पसंद आये होंगे। यदि पसंद आया है तो अपने दोस्तों से यह आर्टिकल शेयर करे। और अगर हमसे कुछ जानकारी छूट गया तो कमेंट सेक्शन में बताएं।

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